मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में ‘वृंदावन ग्राम’ विकसित करने की घोषणा की
- Ujjawal Dubey
- 17 अप्रैल 2025
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अपडेट करने की तारीख: 15 फ़र॰

मोहन यादव ने एक ऐतिहासिक घोषणा में पूरे मध्य प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में ‘वृंदावन ग्राम’ विकसित करने की एक व्यापक एवं परिवर्तनकारी पहल प्रस्तुत की। यह पहल भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों तथा सतत विकास की भावना पर आधारित है और ग्रामीण उत्थान के प्रति मुख्यमंत्री की दृढ़ प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे गाँव केवल प्रगति के केंद्र ही नहीं होंगे, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक भी बनेंगे। ‘वृंदावन ग्राम’ भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की भावना को आत्मसात करते हुए आधुनिक विकास का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।
ग्रामीण भारत से प्रेरित ‘वृंदावन ग्राम’
प्रत्येक विकासखंड में एक ग्राम को ‘वृंदावन ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन ग्रामों में निम्न क्षेत्रों पर विशेष बल दिया जाएगा—
गौ-आधारित कृषि एवं दुग्ध उत्पादन
औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती
सौर ऊर्जा तथा पर्यावरण अनुकूल गतिविधियाँ
सांस्कृतिक कार्यक्रम, गौशालाएँ एवं समुदाय आधारित विकास
इस दूरदर्शी योजना के क्रियान्वयन की निगरानी जिलास्तरीय समिति द्वारा की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिलाधिकारी करेंगे।
प्रत्येक नगर में ‘गीता भवन’ की स्थापना
मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक नगरीय निकाय क्षेत्र में ‘गीता भवन’ स्थापित करने की भी घोषणा की। ये केंद्र सांस्कृतिक और बौद्धिक गतिविधियों के प्रमुख स्थल होंगे, जहाँ—
प्राचीन ग्रंथों तथा समकालीन साहित्य से युक्त पुस्तकालय
वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए पठन कक्ष
नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने हेतु सार्वजनिक सुविधाएँ
उपलब्ध कराई जाएँगी।
सांस्कृतिक विकास के साथ औद्योगिक एवं अधोसंरचना विस्तार
‘वृंदावन ग्राम’ योजना के साथ-साथ मंत्रिपरिषद द्वारा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई—
औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु नए औद्योगिक क्षेत्र
ग्वालियर तथा भिंड जैसे नगरों में अधोसंरचना विकास, जिनमें सेतु निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं
ग्रामीण क्षेत्रों में लघु वनोपज बाजारों, स्वच्छता सुविधाओं तथा खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ये पहलें शासन की उस संतुलित दृष्टि को दर्शाती हैं, जिसमें सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ आर्थिक सशक्तिकरण को समान महत्व दिया गया है। ‘वृंदावन ग्राम’ और ‘गीता भवन’ प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त और प्रेरक कदम हैं।


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